हम कर के एतबार बदगुमान क्यों हुए

Posted by Raqim

हम कर के एतबार बदगुमान क्यों हुए
दानिश्ता ही नाहक में परेशान क्यों हुए

मेरी खता को क्यों गुनाह कह रहे हैं लोग
ये लोग मुंसिफाना बेईमान क्यों हुए

पाबंद थे जो करने को मेरी मुखालफत
क्या बात है जनाब मेहरबान क्यों हुए

क्या मेरी तबाही की साजिश में थे शरीक
पहलूनशीं वगरना पशेमान क्यों हुए

आया जो इंकलाब तो मिलेगा क्या उन्हें
जो लोग बेगुनाह थे कुर्बान क्यों हुए

मुँह किसका किसका देखें राकिम जी यहाँ पर
किस किस से पूछें खफा साहेबान क्यों हुए

1 comments:

  1. हरीश सिंह

    आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    डंके की चोट पर