किसी कीमत बिना नफरत सियासत हो नहीं सकती

Posted by Raqim



किसी कीमत बिना नफरत सियासत हो नहीं सकती
हकीकत और कुछ हो तो हकीकत हो नहीं सकती

अता जो मौत करती है वही मोहलत जिन्दगी है
फितरतन मौत से वैसे मुरव्वत हो नहीं सकती

मुहब्बत है इमारत तो यकीं बुनियाद है इसकी
शिकायत और सुब्हे में मुहब्बत हो नहीं सकती

तंज बर्दाश्त करने की कहीं तो कोई हद्द होगी
कहा किसने खफा मेरी तबीयत हो नहीं सकती

बिसाती बैठे हैं आढत पे गुंजाईश न समझेंगे
वगरना कीमतों में कब रिआयत हो नहीं सकती

भरोसा तोड़ता है वो भरोसा जिस पे होता है
सिवा इसके एहतियातन नसीहत हो नहीं सकती

नहीं मोहताज होती है लफ्ज और हर्फ की राकि़म
अगर है तो मुहब्बत की इबारत हो नहीं सकती