अल्ला बोल दमादम बोल

Posted by Raqim

अल्ला बोल दमादम बोल।
मौला बोल दमादम बोल।।

गीता सच्ची कुरान है सच्ची।
पूजा सच्ची अजान है सच्ची।।
नानक सच है ईसा सच है।
मंदिर सच है कलीसा सच है।।
बंदा खुदा का जो सच बोले।
सच्चा बोल दमादम बोल।।

सच जब कहना खुल के कहना।
सच्ची बात पे कायम रहना।।
अफवाहों के संग न बहना।
जुल्म कोई हो कभी न सहना।।
मुर्शिद मेरा सिखलाया है।
जैसा बोल दमादम बोल।।

सब खोना है जो पाना है।
इक दिन सबको मिट जाना है।।
ऐसा बोल जो खुद को भाये।
गैर का दिल भी खुश हो जाये।।
राकि़म कहता बोल अगर तो।
अच्छा बोल दमादम बोल।।

2 comments:

  1. Pankaj

    bahott Khoob, damadam bol damadam likh , kul ke likh .

  1. Kelly

    Truly, now that was a secular, simple and an utterly good ghazal. I really liked its theme.

    Regards,
    Bittu.