अजीब सी दहशत है आजकल के दौर में

Posted by Raqim

अजीब सी दहशत है आजकल के दौर में।
सहमी सी तबीयत है आजकल के दौर में।।

अगले की शक्ल देख करके बात कीजिये।
ये अंदाज जेहानत है आजकल के दौर में।।

इक दूसरे को यूँ ही कत्ल कर रहे हैं लोग ।
यही तल्ख हकीकत है आजकल के दौर में।।

नाउम्मीद है इतना आदमी से आदमी।
मुलाकात तिजारत है आजकल के दौर में।।

जी ले रहे हैं लोग राकिम किसी तरह।
इतनी तो गनीमत है आजकल के दौर में।।

3 comments:

  1. ehsas

    सत्य वचन। लोग जिदंगी बस जी रहे है किसी तरह।

  1. डॉ० डंडा लखनवी

    अति सुन्दर...रचना।
    -डॉ० डंडा लखनवी

  1. SONY

    wonderful.............